खट्टर सरकार के 9 साल में 500 से ज्यादा लोगों की नकली शराब से मौत हुई : डॉ. अशोक तंवर

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आम आदमी पार्टी चुनाव प्रचार समिति के प्रदेश अध्यक्ष डॉ. अशोक तंवर ने मंगलवार को हरियाणा में नकली शराब से जा रही जानों को लेकर खट्टर सरकार को घेरा। उन्होंने प्रेस वार्ता कर कहा कि जहां पिछले कुछ दिन से पूरा देश दीवाली मना रहा था, वहीं हरियाणा में कुछ परिवारों की दीवाली मातम में गुजरी। यमुनानगर में अभी तक 20 से 24 लोग नकली शराब से जान गंवा चके हैं। हरियाणा में सरकार के संरक्षण में नशे का रैकेट चल रहा है। जिसकी वजह से ये जानें गई हैं। लेकिन इस नकली शराब से जो घर उजड़ रहे हैं, उस पर सरकार अभी भी गंभीर नहीं है।

उन्होंने कहा कि जब भी इस तरह के मामले सामने आते हैं तो सरकार सच्चाई को छुपाने की कोशिश करती है और सही आंकड़ों को छुपाकर गलत आंकड़े पेश करती है। सरकार कहती है कि 2016 से 2023 तक 39 मौतें हुई हैं, जबकि सरकार के 9 साल में 500 से ज्यादा लोगों की नकली शराब के कारण मौत हुई है। यदि सरकार इस मामले में गंभीर होती तो इसको रोका जा सकता था। जब ऐसी घटनाएं घट जाती हैं तो छापेमारी चल रही है और पुलिस प्रशासन भी अपने आपको गंभीर दिखाने की कोशिश कर रहा है।

उन्होंने कहा हरियाणा में नशा इतना बढ़ गया है कि लोग एक दूसरे के खून के प्यासे हो गए हैं। कुछ दिन पहले सिरसा के रोड़ी गांव में भी नशे की वजह से एक हत्या हुई थी। उन्होंने कहा कि सरकार दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। क्योंकि पहले की घटनाएं बताती हैं कि जो असली दोषी थे वो आज तक नहीं पकड़े गए हैं। यदि वो पकड़ जाते तो इस सरकार के अंतराल में जो 500 से ज्यादा जानें गई हैं वो नहीं जाती।

उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का प्रतिनिधिमंडल यमुनानगर में उन परिवारों से मिलेगा जिनके परिजन की नकली शराब से मौत हुई है। नशे के खिलाफ इस लड़ाई में आम आदमी पार्टी पीड़ित परिवारों के साथ खड़ी है। सरकार दोषियों को बचाने की कोशिश न करे। उन्होंने कहा कि इसमें दूसरी पार्टियों के लोग भी शामिल हैं। कहीं न कहीं राजनीतिक संरक्षण में मौत के सौदागर इस खेल को खेल रहे हैं, ये बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है।

उन्होंने कहा सीएम खट्टर कह रहे हैं कि युवाओं से संवाद करेंगे। लेकिन सीएम खट्टर हरियाणा में नशे को खत्म करने के लिए भी युवाओं से चर्चा करे और नशे की रोकथाम के लिए ठोस कदम उठाए। उन्होंने कहा हम उम्मीद करते हैं कि हरियाणा में इस तरह की घटनाएं दोबारा देखने को न मिले और इस तरह की जहरीली शराब पीकर किसी मां का बेटा और किसी का सुहाग न उजड़े। सरकार को पीड़ितों के परिवार के लिए सोचना चाहिए और उन्हें मुआवजा देना चाहिए।

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