
फतेहाबाद, : भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) हिसार ने सरकारी विभागों से भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए एक और बड़ी कार्रवाई की है। सोमवार को फतेहाबाद कोर्ट परिसर में हरियाणा शिक्षा विभाग के एक क्लर्क को 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार किया गया। यह रिश्वत दिवंगत कर्मचारी के बेटे को एक्स-ग्रेशिया के तहत नौकरी दिलाने की एवज में मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता से लेकर गिरफ्तारी तक कैसे हुआ पूरा मामला
फतेहाबाद के गांव चिंदड़ निवासी कालूराम ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) को बताया कि उसके पिता हरियाणा शिक्षा विभाग में कार्यरत थे और उनकी मृत्यु के बाद उन्होंने एक्स-ग्रेशिया पॉलिसी के तहत सरकारी नौकरी के लिए आवेदन किया था। इस दौरान उनकी जान-पहचान पंचकूला शिक्षा विभाग में क्लर्क के पद पर कार्यरत कुलदीप से हुई, जिसने इस नौकरी को जल्दी लगवाने की एवज में 1. 60 लाख रुपये मांगे।
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क्लर्क केसे फ़सा ACB के जाल में
क्लर्क के खिलाफ़ जेसे ही ACB के पास शिकायत आई। उसने तुरंत ही एसीबी इंस्पेक्टर दलबीर सिंह के नेतृत्व में टीम बनाई। योजना के अनुसार फतेहाबाद कोर्ट परिसर में जाल बिछाया गया। क्लर्क कुलदीप द्वारा 20 हजार रुपए लेते ही टीम ने आरोपी को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के समय ड्यूटी मजिस्ट्रेट नगर परिषद फतेहाबाद के एक्सईएन अमित कुमार और जेई लोकेंद्र भी टीम के साथ मौजूद थे। आरोपी के खिलाफ अब भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और जांच शुरू कर दी गई है।
सरकारी विभागों में भ्रष्टाचार-कब होगा खत्म
सरकारी नौकरियों में भ्रष्टाचार कोई दुर्लभ घटना नहीं है, लेकिन भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की यह पहल इस बात का संकेत है कि अब अपराधी न्याय से बच नहीं पाएंगे। अनुग्रह राशि नीति का उद्देश्य मृतक कर्मचारियों के परिवारों को सहायता प्रदान करना है, लेकिन भ्रष्ट अधिकारी इसका इस्तेमाल पैसे कमाने के लिए कर रहे हैं। हरियाणा सरकार को इन मामलों में सख्त कार्रवाई करनी चाहिए। भ्रष्टाचार निरोधक हेल्पलाइन को और मजबूत किया जाना चाहिए। रिश्वतखोरी में शामिल अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। इस मामले की गहन जांच के बाद और भी ताकतवर लोग सामने आ सकते हैं। देखना यह है कि इस भ्रष्टाचार में और कौन-कौन लोग फंसते हैं!