
राज्य के संगीत जगत में मचे बवाल के बाद हरियाणा सरकार ने यूट्यूब पर मौजूद हरियाणवी पांच गानों को बैन किया है कई लोग सरकार के इस कदम की सराहना कर रहे हैं, लेकिन कुछ कलाकार इसे अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का उल्लंघन मान रहे हैं।
पांच गानों को क्यों किया बैन
पांच गानों को यहाँ बताया गया जिन्हें हरियाणा प्रशासन ने यूट्यूब से हटा दिया है:
1 एफिडेविट: अमित सैनी रोहतकिया
2: परफॉर्म दो बंदे – मासूम शर्मा।
3: पिस्तौल – सुमित परता
4 बंदूक- हर्ष संधू चौथे नंबर पर हैं।
5: बदमाशी : मनीषा शर्मा और राज मावर
इनमें से दो गानों में हरियाणवी स्टार प्रांजल दहिया भी हैं। सरकार ने अब तक 14 हरियाणवी गानों पर रोक लगाई है, जिनमें से अधिकांश- आठ गाने- मासूम शर्मा के हैं।
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विधायको ने उठाया विषय ,सरकार ने दिया जवाब
हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के अंतिम दिन विधायक कुलदीप वत्स ने यह विषय उठाया था। इसके बाद राज्य के कैबिनेट मंत्री अरविंद शर्मा और कृष्ण बेदी ने गायक समुदाय का समर्थन करते हुए बयान जारी किया। प्रशासन ने शुक्रवार और शनिवार को इन पांचों गानों पर रोक लगाने का फैसला किया।
कलाकारों में नाराजगी
हरियाणा के संगीत जगत में इस रोक को बड़ा झटका माना जा रहा है। गायक और संगीत निर्माता इस फैसले के खिलाफ नजर आ रहे हैं। इसे हटाए जाने के तुरंत बाद अपनी तकनीकी टीम के साथ सुमित परता ने अपने गाने ‘पिस्टल’ की जगह दूसरा गाना लगा दिया।
लोक गायक मासूम शर्मा और सीएम के जनसंपर्क अधिकारी गजेंद्र फोगट के बीच बातचीत के बाद बहस और तीखी हो गई। मासूम शर्मा के आधिकारिक चैनल पर रिलीज हुए ‘दो बंदे’ से दो महीने पहले तक उनके गाने को अब तक करीब 48.81 लाख लोग देख चुके थे। हालांकि, यह गाना अब भारतीय दर्शकों के लिए यूट्यूब पर उपलब्ध नहीं है।
सरकार का पक्ष:
सरकार के अनुसार, प्रतिबंधित किए गए कुछ गाने अनुचित सामाजिक संदेश, अपराध और हिंसा को बढ़ावा देते हैं।
इसके बाद?
हरियाणवी संगीत उद्योग इस मामले पर विचार कर रहा है। यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार द्वारा प्रतिबंधित किए जाने वाले अगले गाने पर कलाकार किस तरह की प्रतिक्रिया देते हैं। यह तो समय ही बताएगा कि क्या यह फैसला हरियाणवी संगीत के स्वरूप को बदलेगा या कलाकार अपनी राय रचनात्मक तरीके से पेश करेंगे।