
PM मोदी 14 अप्रैल को हरियाणा दौरे पर आएगे। इस दौरान हिसार एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए पहली उड़ान का आधिकारिक उद्घाटन करेंगे। यह सुनकर हरियाणावासी रोमांचित हो उठेंगे।
पहली उड़ान के लिए तैयार हिसार एयरपोर्ट
पहली उड़ान हिसार एयरपोर्ट से अयोध्या के लिए होगी। इस महत्वपूर्ण यात्रा का शुभारंभ 14 अप्रैल को भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे। हिसार से अयोध्या सिर्फ दो घंटे का। विमान सुबह 10:40 बजे अयोध्या के लिए रवाना होगा और दोपहर 12:40 बजे वहां लैंड करेगा। इससे पता चलता है कि हिसार से अयोध्या की यात्रा में अब सिर्फ 2 घंटे का समय लगेगा। यात्रियों को आरामदेह उड़ान का अनुभव होने के साथ-साथ समय की भी बचत होगी।
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सुरक्षा का जिम्मा आया सीआईएसएफ के पास
सुरक्षा की जिम्मेदारी सीआईएसएफ को सौंपी गई है। हिसार एयरपोर्ट पर कड़े सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं। यह कार्य सीआईएसएफ (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) को सौंप दिया गया है
मात्र दो घंटे में पहुचेगे अयोध्या
अयोध्या हिसार एयरपोर्ट से मात्र दो घंटे की दूरी पर है। सुबह 10:40 बजे हिसार से अयोध्या के लिए विमान उड़ान भरेगा और साढ़े बारह बजे अयोध्या में उतरेगा। इससे उन पर्यटकों को विशेष रूप से मदद मिलेगी जो धार्मिक, सामाजिक या कॉर्पोरेट कारणों से अयोध्या जाना चाहते हैं। पहले कई घंटों की सड़क यात्रा करनी पड़ती थी, अब दो घंटे में ही पूरी हो जाती है।
आर्थिक और धार्मिक दृष्टिकोण से महत्व
आर्थिक और धार्मिक दृष्टिकोण से भी यह एक बड़ा विकल्प है। अयोध्या से सीधा हवाई संपर्क विकसित करना यात्रा की सुविधा से कहीं बढ़कर है। इस प्रक्रिया से धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा, जिससे अयोध्या और हरियाणा दोनों में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा आयोजित निवर्तमान समारोह हरियाणा के विकास की राह में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगा।
विमानन उद्योगों के युग की शुरुआत:
हरियाणा के विमानन उद्योग में एक नए अध्याय की शुरुआत का प्रतिनिधित्व करता है। राज्य के नागरिकों को अब दिल्ली या चंडीगढ़ हवाई अड्डों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। भविष्य में इस साइट से अन्य शहरों की यात्रा की अधिक संभावना है।
14 अप्रैल, 2025 को हिसार के इतिहास में एक स्वर्णिम दिन जुड़ जाएगा। यहाँ से अयोध्या के लिए यह पहला सीधा हवाई संपर्क होगा। धार्मिक, सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से, यह कदम न केवल हरियाणा के विकास को गति देगा बल्कि एक उल्लेखनीय उपलब्धि के रूप में भी देखा जाएगा।