
MP कुमारी सैलजा ने कहा कि राज्य में टीचर की भारी कमी है, जहां कई स्कूल बंद होने के कगार पर हैं। प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षकों की 2,262 कमी है, जिसके कारण छात्र-शिक्षक अनुपात 28:1 हो गया है।
टीचर के 5,000सरकारी पद होगे समाप्त
टीचर की कमी के बीच सरकार 5,000 गैर-शिक्षक पदों को खत्म करने की तैयारी में है। इनमें शामिल हैं:
अधीक्षक
उप अधीक्षक
स्टेनोग्राफर, स्टेनो, टाइपिस्ट
सहायक, सांख्यिकी सत्यापनकर्ता
ड्राइवर, लैब अटेंडेंट, क्लर्क आदि।
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संकट ग्रस्त शिक्षा विभाग
कुमारी सैलजा ने सरकार के ही दिए गए आंकड़ों का हवाला देते हुए बताया कि हरियाणा के सरकारी स्कूलों में 15,659 शिक्षकों की कमी है। कुल 1,15,325 शिक्षकों के पदों में से सिर्फ 99,666 पद ही भरे गए हैं, जिनमें से भी 11,616 अतिथि अध्यापक और 7,110 शिक्षक एचकेआरएन (HKRN) के तहत कम वेतन पर कार्यरत हैं।
सरकार पर साधा निशाना
कुमारी शैलजा ने भाजपा सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि विधानसभा चुनाव 2024 में 22 लाख सरकारी नौकरियां देने का वादा करने वाली सरकार अब सरकारी पदों में कटौती करने पर आमादा है। उन्होंने कहा कि शिक्षा सरकार के एजेंडे में नहीं है, यही वजह है कि पहले शिक्षकों की भर्ती नहीं की गई और अब गैर-शिक्षण कर्मचारियों को भी खत्म करने की योजना बनाई जा रही है।
हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था पर संकट!
- 487 स्कूल बिना शिक्षकों के चल रहे हैं।
- 294 स्कूलों में कोई दाखिला नहीं दिया गया है।
- 15,659 शिक्षकों की कमी।
- 5,000 गैर-शिक्षण पदों को खत्म करने की योजना।
- एचकेआरएन के माध्यम से कम वेतन पर शिक्षकों की नियुक्ति।
निष्कर्ष
हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था का समाधान पूरी तरह विफल हो चुका है। शिक्षकों की कमी के कारण सरकारी स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है, जिससे सैकड़ों बच्चों का भविष्य अंधकार की ओर जा रहा है। सरकार को जल्द से जल्द शिक्षकों की नियुक्ति करके इस स्थिति को खत्म करना चाहिए, नहीं तो शिक्षा का यह संकट और भी गंभीर हो जाएगा।