
डिब्रूगढ़ जेल में बंद खडूर साहिब के सांसद Amritpal Singh और उनके करीबी पप्पलप्रीत सिंह और वरिंदर विक्की पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (एनएसए) जारी रहेगा। हालांकि, उनके सात अन्य साथियों को इस कड़े कानून से राहत मिली है।
सात साथियों को डिब्रूगढ़ से अमृतसर किया जाएगा शिफ्ट
जिन सात लोगों से एनएसए हटाया गया है, उन्हें अब अजनाला थाने पर हमला और कब्जे के मामले में हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई के लिए अमृतसर लाया जाएगा। अमृतसर की ग्रामीण पुलिस इकाइयां डिब्रूगढ़ पहुंच गई हैं और जल्द ही उन सभी को वहां से अमृतसर ले जाएंगी। अमृतसर पहुंचने पर उन्हें कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां आगे की कानूनी कार्रवाई तय होगी।
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Amritpal Singh का क्या है पूरा मामला?
Amritpal Singh ने फरवरी 2023 में अजनाला पुलिस मुख्यालय पर गंभीर हमला किया था। ‘वारिस पंजाब दे’ ग्रुप की अगुवाई में अमृतपाल सिंह ने हथियारबंद साथियो के साथ थाने पर धावा बोल दिया था। क्योंकि पुलिस ने उनके कुछ साथियों को गिरफ्तार कर लिया था। अमृतपाल सिंह को भरोसा था कि वह इस शक्ति प्रदर्शन से प्रशासन पर दबाव बनाने में सफल होंगे और अपने साथियों को छुड़ा लेंगे। हालांकि इस दौरान काफी संपत्ति का नुकसान हुआ। हालात बिगड़ते देख प्रशासन ने विध्वंसकारी तरीके से काम करना शुरू कर दिया। असम की डिब्रूगढ़ जेल ले जाए गए अमृतपाल सिंह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून के तहत गिरफ्तार किए गए कई लोगों में से एक थे।
अगला कदम क्या है?
अब जबकि सात लोगों से एनएसए हटा लिया गया है, तो उनकी अदालती कार्यवाही अमृतसर में होगी। दूसरी ओर, अमृतपाल सिंह, पप्पलप्रीत सिंह और वरिंदर विक्की अभी भी एनएसए के तहत हैं, इसलिए उनकी रिहाई की संभावना खत्म हो गई है। सरकार और सुरक्षा बल पूरी प्रक्रिया पर कड़ी नजर रख रहे हैं, क्योंकि अमृतपाल सिंह के राजनीतिक प्रभाव और उनके समर्थकों की सक्रियता के चलते भविष्य में सख्त कार्रवाई की संभावना है।