
अयोध्या में भव्य श्री Ram temple का निर्माण अपने अंतिम चरण में पहुंच गया है। श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, निर्माण का 96 प्रतिशत कार्य पूरा हो चुका है, तथा शेष कार्य भी जून 2025 तक पूरा हो जाएगा।
Ram temple निर्माण की प्रगति
Ram temple निर्माण को लेकर रविवार को महंत नृत्य गोपाल दास की अध्यक्षता में ट्रस्ट की मासिक बैठक हुई, जिसमें निर्माण के वर्तमान परिदृश्य तथा भविष्य की परियोजनाओं पर चर्चा की गई।
मुख्य मंदिर: 96 प्रतिशत विकास कार्य पूरा, शेष कार्य भी जून तक पूरा हो जाएगा।
सप्तऋषि मंदिर: अधिकांश विकास कार्य पूरा, शेष कार्य मई तक पूरा होने की संभावना।
परकोटा (चारदीवारी): कार्य प्रगति पर है, जल्द ही पूरा हो जाएगा।
शेषावतार मंदिर: लगभग 40 प्रतिशत कार्य पूरा।
संत तुलसीदास मंदिर: तैयार, मूर्ति स्थापित।
अन्य मंदिरों में मूर्ति स्थापना: अक्षय तृतीया पर मूर्तियों की स्थापना की जाएगी
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बैठक की प्रमुख घोषणाएं
बैठक में मंदिर से जुड़े कई मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई। ट्रस्ट ने बताया कि पिछले पांच सालों में जीएसटी, टीडीएस, रॉयल्टी, नक्शा शुल्क, भूमि स्टांप शुल्क और बिजली शुल्क जैसे कई सरकारी विभागों को 396 करोड़ रुपये वितरित किए गए हैं। इसके साथ ही राम भक्तों के लिए निशुल्क भोजनालय (भंडारा) शुरू करने का भी फैसला किया गया। भगवान श्री राम के लिए फूल बंगला, वस्त्र, भोग और आरती में योगदान देने में कई भक्तों ने रुचि दिखाई है। इसके लिए कुछ ही देर में एक सार्वजनिक उपक्रम सार्वजनिक किया जाएगा।
श्री राम नवमी पर विशेष आयोजन
इस साल श्री राम नवमी अयोध्या में विशेष रूप से भव्य होगी। मानस जयंती के दिन भक्तों को संत तुलसीदास मंदिर के दर्शन करने को मिलेंगे। अयोध्या में राम मंदिर निर्माण की परिकल्पना आखिरकार साकार होने जा रही है। 2025 तक जब यह मंदिर पूरी तरह से श्रद्धालुओं के लिए खुल जाएगा, तब यह न केवल एक पूजा स्थल होगा, बल्कि भारत की संस्कृति और धर्म का एक उल्लेखनीय प्रतीक भी होगा।