
हरियाणा सरकार द्वारा 2025-26 के लिए पेश किए गए आर्थिक खाके को प्रगतिशील और अभिनव बताया गया है। राज्य में भाजपा के प्रमुख सतीश पूनिया ने इसे Every class की आकांक्षाओं को पूरा करने वाला बजट बताया। उनके अनुसार, यह बजट आर्थिक विकास, कृषि नीतियों, महिलाओं को सशक्त बनाने और युवा पीढ़ी के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा करने को ध्यान में रखते हुए समाज के सभी वर्गों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
Every class को बजट में किया गया शामिल
Every class को आज बजट में मुख्य मंत्री नायब सैनी ने शामिल किया है। हरियाणा को आर्थिक रूप से मजबूत करने के लिए, बजट में सरकार द्वारा कई प्रमुख घोषणाएं शामिल हैं। इनमें स्टार्टअप को बढ़ावा देने के लिए 2000 करोड़ रुपये के फंड ऑफ फंड्स शुरू करने की योजना शामिल है। युवाओं को नशे से बचाने और विदेशों में रोजगार के अवसर प्रदान करने के लिए ‘हरियाणा ओवरसीज एम्प्लॉयमेंट सेल’ जैसी योजनाओं की शुरुआत भी देखी गई है।
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कृषि और किसानों कल्याण पर जोर
सरकार ने कृषि के विकास के लिए कई सुपरिभाषित कार्य करने की प्रतिबद्धता जताई है। नकली बीजों और कीटनाशकों की बिक्री को रोकने के उद्देश्य से बनाए गए नए कानून के तहत किसानों को सुरक्षा का आश्वासन मिलेगा। इसके अलावा, महिला किसानों को एक लाख रुपये का ब्याज मुक्त ऋण देने का वादा किया गया है। ‘मेरा पानी, मेरी विरासत’ योजना के तहत धान की खेती छोड़ने वाले किसानों के लिए प्रोत्साहन राशि बढ़ाकर 8,000 रुपये प्रति एकड़ कर दी गई है।
उधोगिक और बुनियादी ढाचे का विस्तार
हरियाणा सरकार द्वारा राज्य में उद्योग के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए गुरुग्राम में एक पायलट प्रशिक्षण केंद्र और हेलीपोर्ट का निर्माण किया जाएगा। साथ ही, बस स्टॉप को बढ़ाने के लिए एक प्रस्ताव तैयार किया गया है, जिससे यात्रियों के लिए सुविधाएं बढ़ेंगी।
शिक्षा और युवाओ पर बड़े फेसले
शिक्षा क्षेत्र के विकास को सुविधाजनक बनाने के लिए, सरकार ने प्रस्ताव दिया है कि प्रत्येक जिले में एक राजकीय महाविद्यालय होना चाहिए जो एक अनुकरणीय सांस्कृतिक संस्थान के रूप में कार्य करे। इसके अलावा, एक प्रस्ताव पहले से ही मौजूद है जिसके तहत 2,000 स्नातक और स्नातकोत्तर छात्रों को 10,000 रुपये मासिक इंटर्नशिप भत्ता मिलेगा।
आर्थिक विकास का रोड मैप
हरियाणा का सकल घरेलू उत्पाद 2014-15 में 4,37,145 करोड़ रुपये था, आज यह 12,13,951 करोड़ रुपये है। प्रति व्यक्ति आय में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, आज यह 3,53,182 रुपये है। यह दर्शाता है कि सरकार की राजकोषीय नीतियाँ सही दिशा में हैं।
अंत में
हरियाणा का बजट आत्मनिर्भर बनने और सतत विकास प्राप्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। सरकार ने सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखते हुए एक संतुलित बजट प्रस्तावित किया है ताकि सभी वर्गों के कल्याण को ध्यान में रखा जा सके।