
कुरुक्षेत्र में आयोजित महायज्ञ में अचानक हिंसा हो गई । घटना में हुई फायरिंग से एक ब्राह्मण के घायल होने के बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद भगदड़ और अफरातफरी फैल गई। सूत्रों का दावा है कि इस घटना में 20 से 25 ब्राह्मण घायल हुए हैं। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा। लेकिन, इस पवित्र आयोजन के हंगामे में तब्दील होने के पीछे क्या कारण था?
Kurukshetra Mahayagna में क्यों विवाद हुआ?
Kurukshetra Mahayagna में हुई घटना के प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि महायज्ञ में भोजन को लेकर विवाद शुरू हुआ। कुछ ब्राह्मणों ने आयोजकों पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि भोजन बासी और पुराना परोसा गया था। इससे गुस्सा और बढ़ गया और बहस मारपीट में बदल गई। इस बीच बाउंसर ने फा*यरिंग शुरू कर दी। गोली लगने से एक ब्राह्मण घायल हो गया। घटना इतनी तेजी से हुई कि आयोजन में माहौल पूरी तरह बिगड़ गया। खाने के स्वाद को लेकर शिकायतें आम बात है। एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 60% से ज़्यादा धार्मिक आयोजनों में व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें पाई जाती हैं।
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पुलिस कार्रवाई और ला*ठीचार्ज
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पहले तो स्थिति को शांत करने की कोशिश की गई। लेकिन, जब भीड़ बेकाबू हो गई, तो ला*ठीचार्ज किया गया। इसके बाद कुरुक्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। प्रशासन ने अतिरिक्त पुलिस बल भेजा। इसके पीछे मंशा माहौल को शांतिपूर्ण बनाए रखना और हिं*सा को फैलने से रोकना था।
ब्राह्मण समाज में गुस्सा
इस घटना से ब्राह्मण समाज में गहरा गुस्सा है। उन्होंने कहा कि उनके मामले पर कोई गौर नहीं की है। यही वजह है उनके साथ मारपीट और उन्हें लजित किया गया है। घायल ब्राह्मणों का स्थानीय अस्पताल में इलाज चल रहा है। समाज के नेताओं ने इसे सम्मान पर हमला बताया। उन्होंने प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग की। इस बीच, अधिकारियों ने जांच शुरू कर दी है। सामाजिक संगठनों का मानना है कि ऐसी घटनाओं से समुदायों के बीच तनाव बढ़ सकता है।
मामले पर प्रशासनिक अधिकारी क्या बोले ?
प्रशासनिक अधिकारियों ने दावा किया कि अब स्थिति उनके नियंत्रण में है। उन्होंने कहा कि अपराधियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है। साथ ही, भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए भी व्यवस्था की जा रही है। सरकार द्वारा प्रस्तुत एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में धार्मिक समारोहों के दौरान हिंसा की घटनाओं में 2024 में 15% की वृद्धि हुई है। प्रशासन का दावा है कि वह इसे कम करने के लिए गंभीर है। लेकिन, क्या वे सफल होंगे?
संक्षेप में
कुरुक्षेत्र महायज्ञ का यह प्रकरण कई सवाल खड़े करता है। पवित्र आयोजनों में सुरक्षा और व्यवस्था कैसे बनाए रखी जाए? यह कोई दुर्घटना नहीं है, बल्कि समाज में बढ़ती असहिष्णुता का संकेत है। अब यह प्रशासन के हाथ में है कि वह इससे कैसे निपटता है।