
हरियाणा के ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने न*शाखोरी और न*शा तस्करी का खंडन करते हुए कहा कि पंजाब समेत सभी राज्यों को एकजुट टास्क फोर्स बनाने की जरूरत है। उनका कहना है कि जब तक सभी राज्य एक ठोस रणनीति नहीं अपनाते, तब तक सभी राज्यों के प्रयास पूरी तरह सफल नहीं होंगे।
न*शाखोरी सिर्फ गिनती करने से नहीं रुकेगी
न*शाखोरी के मामले पर पंजाब सरकार की आलोचना करते हुए अनिल विज ने कहा की न*शाखोरों की गिनती करने से समाधान नहीं होगा। इसके लिए ठोस रणनीति की जरूरत है, यह राज्यों के बीच मिलकर काम करेगी। सीमा पर नशा तस्करी और ड्रोन का बढ़ता खतरा। इसके अलावा अनिल विज ने कहा कि हरियाणा और पंजाब की सीमाओं पर इसका का खतरा है। खास तौर पर पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए ड्रग्स पहुंचाकर युवाओं को नुकसान पहुंचाने की योजना है। सुरक्षा सेवाएं पूरी तरह सतर्क होने के बावजूद यह खतरा जारी है। विज ने कहा, “यह तब तक चलता रहेगा जब तक सभी देश आपस में जुड़कर एक मजबूत टास्क फोर्स नहीं बना लेते।
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हरियाणा को एक अलग विभाग से लाभ हुआ
हरियाणा के गृह मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान, अनिल विज ने कहा कि राज्य में न*शीली दवाओं के मुद्दों को संबोधित करने के लिए एक स्वतंत्र विभाग/विंग का गठन किया गया था। यह इसलिए शुरू किया गया क्योंकि पुलिस को लगातार काम सौंपा जाता है और वह पहले से ही कई कामों को एक साथ संभाल रही है, जिससे नशीली दवाओं के खिलाफ़ पहल कमज़ोर हो रही है। इसलिए प्रभावी न*शीली दवाओं पर नियंत्रण के लिए विशेष रूप से प्रशिक्षित अधिकारियों के एक समूह की आवश्यकता है।
राज्यों को मिलकर कठोर नीतियाँ लागू करनी होंगी
विज ने स्पष्ट रूप से कहा कि न*शीली दवाओं के उपयोग और नशीली दवाओं के व्यापार को खत्म करने के लिए एक राज्य की गतिविधियाँ अपने आप में पर्याप्त नहीं हैं। इसके लिए सभी राज्यों को:
✔ एक संयुक्त टास्कलेट का आयोजन करना होगा।
✔ ड्रोन के साथ-साथ अन्य साधनों का उपयोग करके सीमाओं पर तस्करी की निगरानी बढ़ानी होगी।
पुलिस के अलावा, इस मामले पर ध्यान केंद्रित करने के लिए एक समर्पित विभाग स्थापित किया जाना चाहिए।
तस्करों को सख्त कानूनी सजा दी जानी चाहिए।
युवा पीढ़ी की रक्षा करने की आवश्यकता है।
पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों में युवाओं का न*शीले पदार्थों की गिरफ़्त में आना एक बड़ी चिंता का विषय है। अनिल विज का तर्क है कि अगर सभी राज्य एक साथ मिलकर ठोस योजना बनाएं और तस्करों पर सख्ती से मुकदमा चलाएं तो नशे की महामारी को खत्म किया जा सकता है। अब यह तय होना है कि कौन से राज्य विज के सुझाव को स्वीकार करेंगे।