
हरियाणा में युवाओं में न*शे की लत एक बड़ी चिंता का विषय बनती जा रही है। एक से अधिक। इस समस्या की गंभीरता का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पिछले पांच सालों में 84 लाख युवा नशा मुक्ति केंद्रों तक पहुंचे हैं। राज्य में नशे की लत तेजी से बढ़ रही है, इस पर प्रकाश डालते हुए हरियाणा प्रशासन ने हाल ही में विधानसभा को पिछले पांच साल की रिपोर्ट सौंपी।
न*शे की बढ़ती लत: भयावह आंकड़े
न*शे की बढती लत की गूंज हरियाणा विधान सभा में सुनाई देइ। इनेलो विधायक अर्जुन चौटाला ने हरियाणा विधानसभा के बजट सत्र के दौरान राज्य में न&शे की लत की स्थिति, उपचार सुविधाओं की संख्या और नशा मुक्त गांवों को नामित करने के मानकों पर सवाल उठाए।
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स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने जवाब में ये आंकड़े पेश किए:
2020-21 में 11,395 युवाओं ने न>शा मुक्ति केंद्रों का दौरा किया।
2021/22: चौबीस हजार नौ सौ अड़सठ किशोर
2022-23: 45,065 युवा वयस्क
2023-24: 50,429 युवा
2024-25: बावन हजार युवा
रिपोर्ट के अनुसार, औसतन हर महीने 4,350 युवा नशा मुक्ति केंद्रों पर मदद मांगते हैं और लगभग 143 प्रतिदिन न@शे की लत से मरने के बाद मदद मांगते हैं।
सबसे अधिक प्रभावित 18 से 30 वर्ष के युवा
अध्ययन से पता चलता है कि न.शे की लत से पीड़ित अधिकांश युवा 18 से 30 वर्ष के हैं। इस समूह में नशीली दवाओं की लत में वृद्धि चिंताजनक है क्योंकि यह राज्य के भविष्य को खतरे में डालती है।
सरकार का नशा मुक्त हरियाणा के लिए अभियान
सरकार ने पुणे मनोरोग संस्थान के माध्यम से चिकित्सा अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण देने का निर्णय लिया है। 38 चिकित्सा अधिकारियों ने अब तक छह महीने का ऑनलाइन प्रशिक्षण पूरा कर लिया है, जिससे उन्हें नशा करने वालों का प्रभावी ढंग से इलाज करने में मदद मिली है।
क्या हरियाणा न;शा मुक्त हो सकता
बढ़ती संख्या से पता चलता है कि और अधिक आक्रामक उपायों की आवश्यकता है, भले ही हरियाणा सरकार नशीली दवाओं के दुरुपयोग को कम करने की कोशिश कर रही हो। अवैध न*शीली दवाओं की तस्करी को रोकने के लिए युवा जागरूकता कार्यक्रमों और पुनर्वास केंद्रों में सुधार के खिलाफ सख्त कदम उठाने की आवश्यकता है। समाज और सरकार को राज्य की युवा पीढ़ी की रक्षा के लिए मिलकर काम करना चाहिए। इसका जवाब सिर्फ कानून पारित करने से नहीं मिलेगा; बल्कि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में जन जागरूकता अभियान चलाने की आवश्यकता है। “उड़ता हरियाणा” का संकट तभी हल हो सकता है।