
हरियाणा में ईद की छुट्टी को वैकल्पिक रखने का फैसला बड़ा राजनीतिक मुद्दा बन गया है। सरकार ने इसे वित्तीय वर्ष के अंत से जोड़कर अपना बचाव किया, लेकिन विपक्ष ने इसकी कड़ी आलोचना की और इसे सरकार की सोची-समझी रणनीति बताया। मुद्दा यह है कि क्या यह फैसला पूरी तरह से यांत्रिक था या इसका कोई और आधार है?
ईद की छुट्टी पर क्यों उठे विवाद ?
ईद की छुट्टी पर हरियाणा में विवाद गहराता ही जा रहा है। आखिर क्या है इस विवाद की जड़। जनवरी 2024 में जारी छुट्टियों के कार्यक्रम में हरियाणा सरकार ने 31 मार्च को ईद की राजपत्रित छुट्टी घोषित की थी। फिर भी, वित्तीय वर्ष के अंतिम दिन का हवाला देने पर छुट्टी वैकल्पिक हो गई। इसका मतलब यह है कि केवल वे कर्मचारी ही छुट्टी ले सकते हैं जो छुट्टी लेना चाहते हैं, जबकि सरकारी कार्यालय खुले रहेंगे।
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सरकार का तर्क बनाम विपक्ष का ह*मला
इस फैसले ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है । नूंह से कांग्रेस विधायक आफताब अहमद ने कहा कि यह मुसलमानों के साथ भेदभाव है। विधानसभा में उन्होंने सरकार से स्पष्टीकरण मांगा और कहा, “जब पूरे देश में ईद पर छुट्टी दी जाती है तो हरियाणा में सरकार को इसमें बदलाव क्यों करना पड़ा?” विपक्ष की आलोचना के खिलाफ आधिकारिक तर्क मुख्यमंत्री नायब सैनी और मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने कहा कि यह सुधार जरूरी था क्योंकि 29 और 30 मार्च को सप्ताहांत था और 31 मार्च वित्तीय वर्ष का आखिरी दिन था। फिर भी विपक्ष को यह तर्क समझ में नहीं आएगा। पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने सरकार की आलोचना करते हुए पूछा, “होली और शहीदी दिवस की छुट्टियां राजपत्रित रह सकती हैं लेकिन ईद की छुट्टी वैकल्पिक क्यों बनाई गई?”
क्या होती है वैकल्पिक छुट्टी
वैकल्पिक छुट्टी उन छुट्टियों में से एक है जिसकी जरूरत नहीं होती। राजपत्रित छुट्टी से पता चलता है कि सरकारी एजेंसियां बंद रहेंगी, जबकि वैकल्पिक छुट्टी (प्रतिबंधित छुट्टी) का मतलब है कि कार्यालय खुले रहेंगे और कर्मचारी व्यक्तिगत जरूरतों के आधार पर छुट्टी का अनुरोध कर सकते हैं। इसके विपरीत, गैर-मुस्लिम कर्मचारियों का कार्यदिवस सामान्य रहेगा; मुस्लिम कर्मचारी छुट्टी पर जा सकते हैं।
राजनीतिक बबाल और संभावित नतीज़े
इस मुद्दे पर राजनीति और भी बदतर हो गई है। प्रशासन इसे प्रशासनिक आवश्यकता बता रहा है, जबकि विपक्ष इसे सामुदायिक दृष्टिकोण से पेश करना चाहता है। सरकार से इस कदम पर पुनर्विचार करने को कहा जाएगा।