
1 अप्रैल, महेंद्रगढ़ ( राजेश ) सभी जानते हैं कि आजकल राजमार्गों पर ओवरलोड वाहन कितने आम हैं। हालांकि, सीएम फ्लाइंग ने महेंद्रगढ़ जिले में इस समस्या से निपटने की तैयारी कर ली है। हाल ही में खनन विभाग और आरटीओ के साथ की गई एक बड़ी छापेमारी को लेकर जिले में हलचल मची हुई है। इस अभियान के तहत चौदह ओवरलोड डंप ट्रक और अवैध रूप से निकाली गई बजरी से भरे एक ट्रैक्टर ट्रॉली को जब्त किया गया। नतीजा? उन पर 10 लाख रुपये का भारी जुर्माना लगाया गया है।
सीएम फ्लाइंग छापेमारी से मची अफरा-तफरी
सीएम फ्लाइंग ने महेंद्रगढ़ से कनीना जाने वाले रोड पर छापेमारी की । सुबह-सुबह अचानक सीएम फ्लाइंग की टीम के वहां पहुंचने पर वाहन चालकों में अफरा-तफरी मच गई। कुछ लोग बहाने बना रहे थे, तो कुछ अपनी गाड़ियों से भागने की कोशिश कर रहे थे। फिर भी, टीम ने नियमित रूप से नियम तोड़ने वालों को पकड़ा और किसी का पीछा नहीं किया। मौके पर 14 डंपर पकड़े गए, साथ ही एक ट्रैक्टर ट्रॉली अवैध बजरी लेकर जा रही थी। विभाग ने सभी पर दस-दस लाख रुपए का जुर्माना लगाया है।
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डीसी ने साफ कहा- अवैध काम को नहीं बख्शा जाएगा
जिला आयुक्त डॉ. विवेक भारती ने इस पर ज्यादा कुछ नहीं कहा। उन्होंने कहा, “महेंद्रगढ़ जिला सरकार किसी भी तरह की नाजायज कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं करेगी। अगर ऐसा दोबारा हुआ तो सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।” उन्होंने मोटरकार संचालकों को यातायात नियमों का पालन करने और वाहनों में ओवरलोडिंग न करने की नसीहत भी दी।
ओवरलोडेड वाहनों पर सख्ती क्यों ?
महेंद्रगढ़ में लंबे समय से ओवरलोडेड वाहनों की समस्या रही है। खासकर खनन से जुड़े क्षेत्रों में डंपर और ट्रैक्टर ट्रॉलियां अक्सर कानून तोड़ते हुए देखी जाती हैं। हालांकि, इस बार सीएम फ्लाइंग ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस तरह की कार्रवाई अब और नहीं चलेगी। अवैध खनन से पर्यावरण को भी खतरा है, साथ ही सड़कों पर ओवरलोडिंग भी होती है। इसलिए यह छापेमारी हमें यह स्पष्ट रूप से बताती है कि सरकार अब इसे नजरअंदाज नहीं करेगी।
कार्यवाही का प्रभाव
हालांकि इस कदम से कार चालकों और खनन से जुड़े लोगों में डर पैदा हो गया है, लेकिन सवाल यह है कि क्या यह डर लंबे समय तक बना रहेगा? या फिर कुछ दिनों में सब कुछ सामान्य हो जाएगा? डीसी की टिप्पणी और सीएम फ्लाइंग की सक्रिय भागीदारी के कारण ऐसा लगता है कि सरकार इस बार गंभीर है। फिर भी, वास्तविक बदलाव तभी आएगा जब लोग खुद दिशा-निर्देशों का पालन करना शुरू करेंगे। फिलहाल, यह प्रक्रिया महेंद्रगढ़ के लिए एक महत्वपूर्ण प्रगति का प्रतिनिधित्व करती है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि भविष्य में इस तरह की गतिविधियाँ कितनी नियमित और दृढ़ता से होती हैं। इस छापे से यह कामना होती है कि अवैध गतिविधियों को रोका जाए, नियमों का पालन किया जाए और सुरक्षित सड़कें बनाई जाएं!