
भारत के रेल इतिहास में 31 मार्च 2025 एक यादगार घटना होगी। इस दिन देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन का ट्रायल शुरू होगा। यह प्रयोग सोनीपत-गोहाना-जींद रेल मार्ग पर तीन दिन चलेगा। सबसे खास बात यह है कि यह ट्रेन पूरी तरह प्रदूषण मुक्त होगी, जिससे पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा।
पहली हाइड्रोजन ट्रेन दौड़ेगी हरियाणा की रेलवे लाइनों पर
पहली हाइड्रोजन ट्रेन की टेस्टिंग सोनीपत-गोहाना-जींद रेल मार्ग पर होगी . तीन दिन तक चलने वाले इस परीक्षण में यह जांचा जाएगा कि ट्रेन कितनी तेज चल सकती है और कितना वजन उठा सकती है। पूरे देश की नजर इस ऐतिहासिक परीक्षण पर टिकी होगी, क्योंकि यह भविष्य की प्रदूषण मुक्त ट्रेनों की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकता है।
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नवीकरणीय ऊर्जा की दिशा में भारत का बड़ा कदम
भाजपा नेता प्रदीप सांगवान ने कहा कि हाइड्रोजन ट्रेन भारतीय रेलवे की हरित ऊर्जा परियोजना का अहम हिस्सा है। यह ट्रेन इलेक्ट्रिक और डीजल ट्रेनों की जगह लेने के साथ ही कार्बन उत्सर्जन को कम करने का जरिया भी है।
हरित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम
देश का पहला हाइड्रोजन ट्रेन परीक्षण भारतीय रेलवे के हरित भविष्य की दिशा में एक बड़ा कदम है। आधुनिक और टिकाऊ परिवहन प्रणाली की दिशा में एक महत्वपूर्ण बदलाव शुरू करने के अलावा, यह परियोजना पर्यावरण संरक्षण में भी मदद करेगी। अब सारा ध्यान 31 मार्च के ऐतिहासिक परीक्षण पर है।
रेल लाइन की पृष्ठभूमि
इस रेल लाइन के निर्माण में दिवंगत सांसद किशन सिंह सांगवान का अहम योगदान रहा है। उनके अथक परिश्रम से यह पहल पूरी हो पाई।
स्थानीय समस्या समाधान के प्रति समर्पण
भाजपा सांसद प्रदीप सांगवान ने भी गोहाना स्थित अपने कार्यालय में लोगों की समस्याएं सुनीं। सांगवान ने आगंतुकों द्वारा प्रस्तुत विभिन्न समस्याओं के जवाब में उचित अधिकारियों से संपर्क किया और समाधान की गारंटी दी। उन्होंने लोगों को बताया कि वे हमेशा सामुदायिक कार्यों के लिए तैयार हैं।