
चंडीगढ़ की एक प्रमुख कहानी ने हर जगह लोगों को हैरान कर दिया है। पंजाब के मोहाली की जिला अदालत ने मंगलवार, 1 अप्रैल, 2025 को ब*लात्कार की घटना में ईसाई नेता पादरी बजिंदर सिंह को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। जज विक्रांत कुमार के फैसले के बाद बजिंदर को पटियाला जेल भेज दिया गया। यह वही बजिंदर है जिसने कभी कहा था कि वह चमत्कारिक रूप से बीमारों को ठीक कर सकता है, लेकिन अब तथ्य सामने आ गए हैं।
पादरी बजिंदर सिंह क्या है मामला ?
पादरी बजिंदर सिंह का यह मामला 2018 का है जब मोहाली जीरकपुर थाने में बजिंदर के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई थी। एक महिला ने कहा कि वह विदेश में बसना चाहती थी। उसने बजिंदर की मदद मांगी। महिला का दावा है कि बजिंदर उसे मोहाली के सेक्टर 63 में अपने घर ले गया, जहाँ उसने उसके साथ ब*लात्कार किया और घटना का वीडियो बनाया। इसके अलावा उसने उसे चेतावनी दी कि अगर वह कुछ कहेगी तो वह वीडियो को वायरल कर देगा।
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विदेश भागने की तैयारी
शिकायत के बाद लंदन भागने की कोशिश कर रहे बजिंदर को पुलिस ने दिल्ली एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया। बाद में जमानत पर रिहा होने के बाद भी उसकी मुश्किलें खत्म होने का नाम नहीं ले रही थीं। जेल से बाहर रहने के दौरान उस पर एक अन्य महिला के साथ मारपीट और यौ*न उ*त्पीड़न के आरोप भी लगे।
कोर्ट में क्या हुआ?
मोहाली कोर्ट ने 28 मार्च को इस ब*लात्कार मामले में बजिंदर को दोषी ठहराया। हालांकि इस मामले में छह लोग शामिल थे, लेकिन अन्य पांच- जतिंदर कुमार, अकबर भट्टी, राजेश चौधरी, सितार अली और संदीप पहलवान को सबूतों के अभाव में छोड़ दिया गया। मुकदमे के दौरान एक संदिग्ध सुच्चा सिंह की मौ*त हो गई। सजा सुनाए जाने के बाद बजिंदर को पटियाला जेल भेज दिया गया। 1 अप्रैल को सजा सुनाई गई। पीड़िता के वकील अनिल सागर ने कहा, “कोर्ट ने साफ तौर पर कहा कि बजिंदर को आखिरी सांस तक जेल में रहना होगा।
सभी अनुरोध ख़ारिज
सजा से बचने की कोशिश में, बजिंदर ने अदालत में तमाशा खड़ा किया और तर्क दिया कि उसके बच्चे छोटे हैं, उसकी पत्नी बीमार है और उसके पैर में रॉड लगी है। फिर भी अदालत ने उसके अनुरोधों को खारिज कर दिया और उसे जेल की सजा सुनाई।
बहरहाल पीड़ित की कहानी सुनने के बाद, यह सोचना होगा कि इसने चमत्कार के नाम पर कितने और लोगों को ठगा गया होगा।