
भिवानी : बच्चों के भविष्य के बारे में महत्वपूर्ण और अत्यंत महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। निजी स्कूल कल्याण संघ ने अब उन गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों अवैध अकादमियों और ऑनलाइन शिक्षा प्लेटफार्मों के खिलाफ़ एक स्टैंड लिया है, जो न केवल बच्चों की शिक्षा को प्रभावित कर रहे हैं, बल्कि उनके समग्र विकास में भी बाधा डाल रहे हैं।
नया कोचिंग शेड्यूल:
एसोसिएशन के जिला प्रधान रामावतार शर्मा ने स्पष्ट रूप से कहा है कि किसी भी कोचिंग सेंटर या अकादमी को सुबह 8 बजे से दोपहर 3 बजे तक पाठ्यक्रम प्रदान करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसका मतलब यह है कि अब स्कूल के समय के दौरान किसी भी तरह की अतिरिक्त कोचिंग प्रतिबंधित होगी, चाहे वह आकाश या गुरुजी जैसी बड़ी अकादमी हो। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि बच्चे पहले अपनी मुख्य पढ़ाई पर ध्यान दें और फिर कोचिंग की माँगों को पूरा करें।
ALSO READ :निजी स्कूलों की लूट और सरकार की चुप्पी: शिक्षा का यह धंधा कब बंद होगा?
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों पर कसेगा शिकंजा
गैर मान्यता प्राप्त स्कूलों की अगर बात की जाए तो चौकाने वाला आकड़ा सामने आया है। क्षेत्र में 76 अवैध स्कूल और 87 अवैध अकादमियां हैं। संगठन इन सभी के खिलाफ त्वरित कार्रवाई की मांग करता है। संगठन ने शिक्षा विभाग 10 अप्रैल तक कोई ठोस कार्रवाई करने की चेतावनी दी है। यदि शिक्षा विभाग कोई एक्शन नहीं लेता है , तो वे राज्य स्तर पर विरोध प्रदर्शन शुरू करेंगे।
ऑनलाइन शिक्षा बढ़ता मानसिक तनाव
मोबाइल डिवाइस के जरिए ऑनलाइन क्लास देना भले ही आसान लगे, लेकिन यह बच्चों के विकास के लिए खतरनाक है। एसोसिएशन का कहना है कि बच्चे अब पढ़ाई से ज्यादा डिप्रेशन से जूझ रहे हैं। ऑनलाइन क्लास की वजह से बच्चे सामाजिक रूप से अलग-थलग पड़ रहे हैं और उनका आत्म-सम्मान और संवाद क्षमता कम हो रही है।
निजी स्कूलों की मनमानी हो बंद
एक और गंभीर चिंता निजी स्कूलों द्वारा मनमानी फीस वसूली, महंगी किताबें और यूनिफॉर्म की है। रामावतार शर्मा ने साफ कहा है कि अगर कोई स्कूल अभिभावकों के साथ मनमानी करता है , तो उसके ख़िलाफ़ कार्रवाई जरूर होगी।
अंत में, यह पहल न केवल भिवानी बल्कि पूरे हरियाणा और देश के लिए एक उदाहरण बन सकती है। बच्चों का सामान्य विकास महत्वपूर्ण है; यह तभी हासिल किया जा सकता है ,जब शिक्षा सही माहौल में, सही समय पर और सही माध्यम से दी जाए।