
राज्य के युवाओं के लिए नए अवसर खोलने की तैयारी में हरियाणा प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। केंद्र सरकार की अग्निवीर योजना’ के तहत वापस लौटने वाले अग्निवीरों को अब हरियाणा पुलिस में 20 प्रतिशत आरक्षण मिलेगा। इस फैसले पर अमल के लिए मुख्य मंत्री नायब सैनी ने गृह मंत्री अमित शाह को पत्र लिखा है।
पहला जत्था जल्द आएगा वापस
हरियाणा प्रशासन को पता है कि अग्निवीर कार्यक्रम के तहत सिपाहियों का पहला जत्था चार साल की सेवा के बाद वापस लौटेगा। इसलिए सरकार ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है ताकि वापस लौटते ही इन युवाओं के लिए सार्वजनिक क्षेत्र में नौकरियों के अवसर उपलब्ध हो सकें। पुलिस विभाग में 20 प्रतिशत आरक्षण के विचार को इस दिशा में एक बड़ा प्रगतिशील कदम माना जा रहा है।
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अग्निवीर का होगा भविष्य सुरक्षित
अग्निवीर योजना के तहत युवा चार साल तक सेना में सेवा करते हैं, लेकिन उसके बाद उनका भविष्य फिर से संदेह के घेरे में आ जाता है। राज्य सरकार की यह परियोजना ऐसे युवाओं को स्थायी रोजगार देने में विशेष रूप से महत्वपूर्ण है। इससे न केवल युवाओं के लिए रोजगार के अवसर पैदा होंगे, बल्कि पुलिस विभाग में सैन्य अनुभव वाले अनुशासित कर्मियों की संख्या भी बढ़ेगी, जिससे कानून-व्यवस्था मजबूत होगी।
हरियाणा में अग्निवीरों को पुलिस भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण देने का प्रशिक्षण एक अच्छी पहल है। इससे वापस आने वाले सैनिकों को नई पहचान और सम्मान मिलेगा। यह देखना अभी बाकी है कि केंद्र सरकार से नीतिगत मंजूरी और निर्देश मिलने के बाद इस योजना को कितनी तेजी से क्रियान्वित किया जाता है।
नीति का मांगा मसौदा
राज्य प्रशासन ने गृह मंत्री अमित शाह से अग्निवीरों को आरक्षण देने पर केंद्र से नीति दस्तावेज मांगा है। इसका उद्देश्य हरियाणा में किसी भी कानूनी अड़चन को रोकना और तेजी से आवेदन की गारंटी देना है। इसके अलावा गृह मंत्री से राज्यों को इस नीति के त्वरित आवेदन के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश देने के लिए कहा गया है।
मुख्यमंत्री पहले कर चुके है घोषणा
गौरतलब है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर पहले ही अग्निवीरों को राज्य की नौकरियों में शीर्ष स्थान पर घोषित कर चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सेना से वापस आने वाले युवाओं को न केवल पुलिस में बल्कि अन्य क्षेत्रों में भी रोजगार के अवसर मिलेंगे। इस दिशा में जमीनी स्तर पर काम शुरू हो गया है।